फलारिष्ट के फायदे और सेवन विधि falarisht ke fayede or sevan vidhi

फलारिष्ट के फायदे और सेवन विधि ,ayurvedic mediciens  falarisht ke fayede फलारिष्ट एक आयुर्वेदिक ओषधि है इसके सेवन  से , शरीर में नए खून की मात्रा बढ़ने लगती , शरीर हष्ट पुष्ट  हो जाता है , किसी गंभीर बीमारी के कारन शरीर कमजोर और निर्बल हो जाये तो उस स्थिति में इस ओषधि का स्वान करवाना लाभकारी होता है .

phalarisht ke fayede
phalarisht ke fayede 

फलारिष्ट के फायदे :-
1 ) – इसके स्वान से हाजमा ठीक हो जाता है
2 ) – शरीर में ताक़त और शक्ति का संचार होता है
3 ) – नया खून बनने लगता है
4 ) – घबराहट आदि बिकारों को ठीक करता है
5 ) – दिल की कमजोरी में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है
6 ) – उदावर्त वात रोग , और विषम ज्वर में इसका फायदा देखने को मिलता है .
7 ) – खांसी ,और गुल्म रोग में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है

अग्निमांध , संग्रहणी , अर्श , पाण्डु आदि रोगो में भी इसका प्रयोग कर सकते है  इसके इलावा , इसके सेवन से , भोजन पचने वाले पाचन पिट की वृद्धि होती है ,जिस कारन भूख खुल कर लगने लगती है .मैलरीए आड़ बुखार अगर अधिक दिन तक रह जाये तो शरीर में खून की कमी हो जाती है , देह का रंग पीला हो जाता है ,ऐसी अवस्था में फलारिष्ट का प्रयोग दूसरी ओषधिओं  के साथ किया जाये तो चमत्कारी लाभ देखने को मिलता है 

सेवन बिधि :- 

एक से दो तोला बराबर पानी मिलाकर शाम के समय  भोजन खाने के एक घंटा बाद पियें 

फलारिष्ट कैसे बनाते है :-

इस ओषधि को बनाना बहुत आसान है , बड़ी हार्डी , और अम्ब्ला दोनों , 650 – 650  ग्राम ,इन्द्रायें के फल , पता, चित्रकमूल , कैथ का गुद्दा ,परतयेक80-80 ग्राम लेकर  23 लेटर पानी में उबाल कर क्वाथ बनाये ,जब पानी ५ लेटर रह जाये तो उसमे 5 किलो गुड़ मिलाकर कलईदार वर्तन में दाल दे फिर किसी अँधेरी जघा में संसथान  लगाने  के लिए  15 दिन तक छोड़ दें 15 दिन बाद महीन कपडे  से छान  कर रख लें .

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