मार्गशीर्ष की पूर्णिमा margsheersh purnima

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पूर्णिमा हिन्दू महीने का आखिरी दिन होता है, जिसको धार्मिक रूप से बहुत खास माना जाता है। हिन्दू परंपराओं के अनुसार, पूर्णिमा तिथि को मांगलिक कार्य करना बेहद शुभ होता है और ऐसा करने से उस कार्य का शुभ फल प्राप्त होता है।margsheersh

मार्गशीर्ष की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है , इसलिये इस माह को मार्गशीर्ष कहा जाता है।
वैसे तो भगवान श्री कृष्ण की पूजा और महिमा का महीना भाद्रपद अथवा भादों को माना जाता है लेकिन धार्मिक ग्रंथों में मार्गशीर्ष महीने को भी श्री कृष्ण का स्वरूप ही माना जाता है।

इस महीने में स्नान दान का भी विशेष महत्व बताया जाता है। भगवान श्री कृष्ण ने स्वंय इस माह की महत्ता को बताते हुए कहा था कि
मार्गशीर्ष मास में यमुना नदी में स्नान करने से मुझे सहज ही पाया जा सकता है।” ये तो हुआ महत्व अब आपको बताते हैं कौनसी तिथि व त्यौहार हैं इस महीने में खास।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का भी धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इस दिन को दत्तात्रेय जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। दत्तात्रेय को भगवान विष्णु का ही अंश माना जाता है जिन्होंनें अत्री ऋषि की पत्नी देवी अनुसूया की कोख से जन्म लिया। 2018 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत और भगवान दत्तात्रेय जयंती का पर्व 22 दिसंबर को है।

कुल मिलाकर कह सकते हैं धार्मिक दृष्टि मार्गशीर्ष महीने का बहुत अधिक महत्व है इस माह में अपने पूर्वजों को याद करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट करें और दान पुण्य करके धार्मिक कार्यों में बढ़चढ़ कर भाग लें। भगवान आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करें।

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