mothers day kyu mnaya jata hai मदर डे क्यों मनाया जाता है

mothers day kyu mnaya jata hai मदर डे क्यों मनाया जाता है ,mothers day q mnaya jata hai भारत ही नहीं पूरी दुनिया में माँ को ईश्वर से भी महान बताया गया है , एक माँ ही है जो बच्चे को इस धरा पर लाती है ,मां की ममता , सनेह और प्यार की कोई कीमत नहीं लगा सकता है ,जब बच्चा छोटा होता है तो माँ ही होती है जो रात रात भर जाग कर उसकी हिफाजत करती है उसको दूध पिलाती है, छोटा बच्चा कुछ बोल नहीं सकता , वो क्यों रो रहा है ,क्या उसको कोई परेशानी है या उसको भूख लगी है ये सब माँ का दिल ही समझ सकता है ,

mothers day kab manaya jata hai:-
वैसे तो हर दिन माँ को सम्मान दिया जाये तो भी कम है ,एक माँ जो अपने बच्चो के लिए करती उस प्यार को दर्शाने के लिए उस ममता ,सनेह को आदर देने के लिए  मई महीने के दूसरे रविवार को mother ‘s day मनाते है,इसकी शुरुआत कब हुयी ये कहना थोड़ा मुश्किल है ,हर एक विद्वान की अलग कहानी है ,

कुछ लोग कहते है की ,ग्रीक के देवताओं की माँ को सामान देने के लिए ये दिन मनाया जाता था फिर पुरे विशव में इसका प्रचार हो गया अब सारी दुनिया में मातृ पूजा के लिए इस दिन को निर्धारित कर दिया गया है .कई विद्वान् कहते है ,प्रभु जीजस की माता मेरी को सामान देने के लिए इस दिन की शुरुआत हुयी थी जो बाद में मदर डे के रूप में प्रचलित हुयी ,

मदर डे की तिथि निर्धारित करने का श्रेय जूलिया ward हॉवे को जाता है ,वो एक सामाजिक कार्य करता थी जो विशवा शांति के पर्यासो के लिए पहचानी जाती है इन्होने पुरे विश्व की माताओं को आदर सम्मान देने के लिए एक घोषणा पात्र लिखा जिसमे २ जून को मदर डे मनाये जाने की बात कही थी.

ये बात 1872 की है ,लेकिन अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आया था , उसके बाद 1908 में एक सामाजिक कार्य करता ऐना जार्विस को आधिकारिक रूप से मदर डे मनाने की प्रेरणा उसकी माँ से मिली ,उन्होंने देखा एक माँ कितनी मुश्किलों से अपने बच्चे का पालन पोषण करती है , क्यों न पुरे विश्व में माँ को सामान देने के लिए एक दिन निर्धारित किया जाये .
उन्होंने पहला मदर डे एक चर्च में मनाया जिसमे सैंकड़ों लोगो ने हिस्सा लिया ,उनकी कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा रंग लाने लगा कुछ वर्षो में ही अमेरिका के कई राज्यों में मदर डे मनाया जाने लगा .इसके बाद मदर डे इंटरनेशनल एसोसिएशन की स्थापना की गयी

1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति बुडरो ने जनता की मांग को देखते हुए मई महीने के दूसरे रविवार को मदर डे मानाने के लिए आधिकारिक रूप से प्रस्ताव पारित किया आज पुरे विशव में mother day  मनाया जाता है ,इसमें ऐना जार्विस का बहुत  बड़ा   योगदान है .
भारत में मदर डे का इतिहास :-

भारत में मदर डे का इतिहास सैंकड़ों शताब्दिओं पुराना है ,

भारत के लोग साल में दो बार मदर डे मनाते है नवरात्रों के रूप में माँ जगत जननी की पूजा कर के ,जगत जननी अर्थात पुरे विश्व की माता ,परन्तु हम पश्चिम के रंग में डूबते जा रहे है अपने इतिहास को भूल कर हम भारतीय विदेशी परम्परों को अपना रहे है .असल में ग्रीस के देवताओं की माता और जीजस की माता मेरी को सामान देने के लिए ही मदर डे की शुरुआत हुयी थी जिसको बाद में पूरी दुनिया की माता को सम्मान देने से जोड़ दिया गया .
सारांश :- इस वर्ष 12 मई को मदर डे मनाया जा रहा है आप सब को मदर डे की बहुत बहुत शुभ कामनाये ,अपनी माँ को खुश रखिये और उसका सम्मान करिये क्यों के माँ के दूध का क़र्ज़ कोई भी बच्चा कई जन्मो तक नहीं चूका सकता ,माँ का त्याग , सनेह और मंमता लाखो करोड़ो रुपय से भी नहीं खरीदी जा सकती.

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