vastu anusar ghar ki dhlan किस तरफ होनी चाहिए वास्तु शास्त्रानुसार घर की ढलान

वास्तु शास्त्रानुसार घर की ढलान किस तरफ होनी चाहिए  vastu anusar ghar ki dhlan kis traf honi chahiye ,सरल वास्तु टिप्स  वास्तु की छोटी छोटी बातें आपके जीवन में कितना प्रभाव डाल सकती हैं ,शायद आप नहीं जानते ,वास्तु विज्ञानं में स्थापत्य कला , भवन निर्माण , मूर्ति कला , तथा आकृति कला भी शामिल है .अथर्वेद को वास्तु शास्त्र का मुख्य स्रोत माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र मनुष्य के future की planning  बनाने में सहायक है तो वास्तु शास्त्र उस योजना को एक practical shape प्रदान करने में सहायक होता है .वास्तु शास्त्र का विज्ञानं मुनष्य की ऊर्जा को ब्रह्माण्ड की ऊर्जा के साथ सम्माहित कर के जीवन शैली की गुणवत्ता को बढ़ाता है .
वास्तु शास्त्रानुसार घर
घर बनाने से पहले उस  jameen की जाँच कर लेनी चाहिए जहा  construction करवाना हो ,भूखंड की जाँच कई method से की जाती है , मिटटी की जाँच , भूखंड का आकर , और भूखंड की ढलान , इन तीनो पहलुओं पर गौर कर के आगे का निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए इस आर्टिकल में आपको भूमि की ढलान किस तरफ शुभ मानी जाती है इसकी विशेष जानकारी मिल जाएगी .

वास्तु शास्त्रानुसार घर की ढलान किस तरफ होनी चाहिए ?
1…घर के लिए जमीन खरीदने से पहले ईशान कोण की ढलान देख लें ,अगर भूखंड का ईशान कोण निचे की और है तो .आपको हर प्रकार से सुख , उन्नति , स्वास्थ्य और मानसिक शांति देने बाला है .इसके विपरीत अगर ये दिशा से भूखंड इन्चा हुआ तो विपरीत परिणाम आ सकते है

2…नैऋत्य कोण की और जमीन की ढ़ालन होना बेहद अशुभ माना जाता है अगर घर की ढलान इस दिशा की और ज्यादा है तो .घर के मालिक का पूरा family  कष्टों में जीवन गुजरता है .

3…पूर्व दिशा की तरफ घर का ऊँचा होना अशुभ संकेत है ,पूर्व दिशा में अगर आपके घर की जमीन ऊँची है तो आपके लिए दुखों का कारण बन सकता है .negetive ऊर्जा आपके family के सदस्यों को घेर सकती है .
इस लिए पूर्व दिशा की और आपके घर की ढ़ालन होनी चाहिए इस से स्वास्थ्य ,धन ,यश ,और हर प्रकार से सफलता में विर्दी होती है

4…north की और ढलान होने पर घर के owner को धन का अभाव नहीं होगा ,व्यापर और नौकरी में उल्टी होती रहेगी .हर क्शेस्ट्र में सफलता मिलना स्भाविक हो जाता है .अगर आपकी जमीन उतर की और ऊँची उठी हुई है तो धन सबंधित परेशानियां आ सकती है .

5…दक्षिण की और ढलान होने पर चारों और से अशुभता सुनने और देखने को मिलती है ,गंभीर बीमारियां, व्यापर में घाटा , जोब छूट जाना ,दिमागी परेशानियां , आमदन से अधिक खर्च हो जाना .ये सब चिन्ह दक्षिण की और ढ़ालन होने से हो सकते है .अगर आपके प्लाट का दक्षिण भाग ऊँचा उठा हुआ है तो .शुभ माना जाता है .

6…पश्चिम दिशा की ढ़ालन भी विपतिकारक होती है नित नयी परेशानियां घर में आती है .अगर आप जमीन खरीदने वाले है तो . ये सुनिश्चित कर लें के west की और ढलान न हो .
7…वायव्य की दिशा से अगर आपके प्लाट की जमीन निचे धसी हुयी है तो ,शत्रु आपको परेशां कर सकते है .या कोई कष्टकारी रोग आपको घेर सकता है .इस लिए इस दिशा की तरफ आपके ghar की ढलान नहीं होनी चाहिए .

8…आग्नये दिशा की तरफ stepness होना बहुत नुकसानदायक हो सकता है . घर के किसी सदस्य के आग से जलने की आशंका हो सकती है .इस दिशा से जीमण नीची होने पर अशुभ परिणाम सामने आते है .आग्नये कोण वायव्य और ईशान से up और नैऋत्य से down होना शुभ कारक है .ऐसे भूखंड में रहने वाले वियक्तिओं के सुख में वृदि ,धन में वृदि , और सम्पति में वृदि होती है .

इस आर्टिकल में आपने समझा के वास्तु शास्त्रानुसार घर की ढलान किस तरफ होने से घर में सुख शांति और समृद्धि अति है   अगर आपको ये लेख पसंद आए तो wahtsapp पर शेयर जरूर करें .ताकि आपके मित्र सूचि में अगर किसी को कोई परेशानी है तो वो उसका हल निकाल सके .इस से आपके द्वारा किसी का भला हो सकता है

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