vastu shastra flat ka फ्लैट का कलर कैसा होना चाहिए

घर निर्माण में आप अपनी इच्छा से नक्शा बनबाते है,वास्तु के हर एक निर्देश का ख्याल रखते हैं ,लेकिन लेकिन फ्लैट्स में ऐसा नहीं है आपको कोम्प्रोमाईज़ करना पड़ता है, आपके फ्लैट का वास्तु सही रहे इसके लिए आपको कुछ नियमो का पालन करना चाहिए ,वास्तु का के मुख्य तत्व आकाश ,वायु, जल ,धरती अग्नि और ब्रह्म है ,दुकान ,मकान ,या फ्लैट सब जगह जगह वास्तु के निर्देशों का पालन करना चाहिए ,अन्यथा नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से घर के सदस्य किसी रोग का शिकार हो सकते है या धन की कमी ,फालतू की उलझने दौड़ धूप आपको परेशान करती रहेंगी .

जैसे जैसे आवादी बढ़ती जा रही है फ्लैट खरीदने वालो की संख्या भी बढ़ रही है ,ये जरुरी नहीं है के आपको जो फ्लैट मिले उसमे वास्तु के नियमो का पालन किया गया है लेकिन आप उसी फ्लैट के इंटीरियर का डिज़ाइन, वास्तु शास्त्रानुसार करवा के ,एक सामन्य फ्लैट को भी वास्तु आधारित बना सकते हो.

फ्लैट का कलर कैसा होना चाहिए
सबसे पहले फ्लैट के पेंट पर ध्यान दें ,फ्लैट को रंग करवाते समय ये ध्यान में रखे के आपकी राशि अनुसार कौन सा रंग उचित है ,लाइट कलर किसी भी घर फ्लैट के लिए अनुकूल होते है भड़कीले चमकीले रंगो से वास्तु पर असर पड़ सकता है ,किस दिशा में कौन सा रंग सही रहेगा इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पेंट करवाना चाहिए ,भूरे काळा और गहरा नीला रंग नहीं करवाना चाइये

फ्लैट की रसोई :-
रसोई ऊर्जा का प्रतीक है यहीं से बना हुआ भोजन आपको आरोग्य और जीवन प्रदान करता है अगर रसोई का वास्तु सही नहीं है तो वहां पका हुआ भोजन भी आपको तंदरुस्ती नहीं दे सकता, भोजन पकने का कार्य आपको रसोई घर के अग्नि कौन में ही करना चाहिए.

बेड रूम :-
पूरा दिन काम कर के जब आप थक जाते है तो आपको आराम की सख्त जरुरत होती है अगर आपका बेड रूम वास्तु अनुसार नहीं है तो सुबह उठने पर भी आपका सर भारी और शरीर थका हुआ लगेगा ,अपके बेड रूम का दरवाजा किसी भी दिशा में हो सोते समय आपकी पैर उत्तर या पश्चिम दिशा में होने चाहिए और सर पूर्व या दक्षिण दिशा में होने चाहिए .बेड रूम में श्री राधा कृष्ण ,श्री सिया राम की तस्वीर लगा सकते है इससे दम्पति में प्रेम और सनेह बना रहता है ,

कुछ लोगो का मानना है के बेड रूम में किसी देवता की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए ये बिलकुल गलत धारणा है ,

स्नान घर तथा शौचालय
जिस फ्लैट में स्नान घर ,ईशान कौन में ,नैऋत्य कौन या अगन i कौन में हो उस घर का वास्तु हमेशा खराव ही रहेगा ,इसके लिए आपको तोड़ फोड़ करने की जरुरत नहीं है,बस आप स्नान करते समय अपना मुँह पूर्व दिशा की और कर लिया करें .जहाँ तक संभव हो सके ऐसे फ्लैट को नहीं खरीदें तो अच्छा है

खिड़कियां तथा बालकोनी 
पश्चिम की और खिड़कियां शुभ मानी जाती है , बालकोनी पूर्व डिस्क में शुभ मानी जाती हैं,अगर इनके विपरीत हैं तो जरुरत पड़ने पर ही खोलें अन्यथा बंद रखें , दूषित हवा की निकासी के लिए एग्जॉस्ट फैन का प्रयोग करें .

प्रतेक कमरे का ईशान कौन पवित्र रखें यहाँ किसी भी इसम का कोई भारी सामान न रखें.
पूजा का स्थान ईशान कौन में बनाना चाहिए
फ्लैट का मुख्य द्वार
फ्लैट के मुख्य द्वार की और विशेष ध्यान देने की जरुरत होती हैं इससे अपके व्यक्तित्व का पता चलता हैं यदि फ्लैट का मुख्य द्वार वास्तु अनुसार न हो तो ,द्वार के सामने वाली दिवार पर एक दर्पण लटका दें.,दर्पण इतना बड़ा होना चाहिए के घर में प्रवेश करते समय आपको विपरीत दिशा की चीजें साफ दिखाई दे जाएँ

इस आर्टिकल में आपको फ्लैट से सम्बंधित कुछ सामन्य टिप्स बताये गए हैं अगर अपके घर में वास्तु से सम्बंधित कोई परेशानी हैं तो आपको अपने घर में मांस और शारब कभी नहीं रखनी चाहिए ,ये वास्तु दोष को और ज्यादा बड़ा देते हैं .जिस परिवार में एक भी दीपक जला हुआ हैं उस घर में कोई वास्तु या गृह अपना कुप्रभाव नहीं डाल सकते .

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